१२ अगस्त को ग्वालियर के चैंबर आफ कामर्स सभागार में'सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति' ने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं पत्रकार पं० दामोदरदास चतुर्वेदी की जयंती के उपलक्ष में एक अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह' का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले कवियों में मुंबई से देवमणि पांडे,लक्षमण शर्मा वाहिद,दिल्ली से पं० सुरेश नीरव,अरविंद पथिक,पी०एन० सिंह,डा०कृष्णकांत मधुर,गाज़ियावाद से अरूण सागर,रजनीकांत राजू,मुरादाबाद से डा० मधु चतुर्वेदी ,कटनी से प्रकाश प्रलय,दमोह से प्रेमलता नीलम,लखीमपुर खीरी से श्रीकांत सिंह,अरविंद कुमार,श्रीनगर से नीरज नैथानी,राकेश जुगरान,फरीदाबाद से नमिता राकेश आदि शामिल थे परंतु कार्यक्रम की उपलब्धि थे चेन्नई से आये वरिष्ठ साहित्यकार प्रो०पी बाला सुब्रमण्यम एवं पी ०चेलम्मा।कई भाषाओं के विद्वान पी ० बाला सुब्रमण्यम की संस्कृत निष्ठ हिंदी ने सभी को मोह लिया। 

इस अवसर पर साहित्यकारों एवं पत्रकारों को भाषा-भारती सम्मान-२०१२ से अलंकृत भी किया गया।अलंकरण पाने वाली विभूतियों में मुंबई से देवमणि पांडे,लक्षमण शर्मा वाहिद,दिल्ली से पं० सुरेश नीरव,अरविंद पथिक,पी०एन० सिंह,डा०कृष्णकांत मधुर,गाज़ियावाद से अरूण सागर,रजनीकांत राजू,मुरादाबाद से डा० मधु चतुर्वेदी ,कटनी से प्रकाश प्रलय,दमोह से प्रेमलता नीलम,लखीमपुर खीरी से श्रीकांत सिंह,अरविंद कुमार,श्रीनगर से नीरज नैथानी,राकेश जुगरान,फरीदाबाद से नमिता राकेश तथा चौथी दुनिया के संपादक प्रवीण चौहान समेत कई पत्रकार भी शामिल थे। 

कार्यक्रम का संचालन डा० मधु चतुर्वेदी,स्वागत भगवान स्वरूप चैतन्य और अध्यक्षीय वक्तव्य पं० सुरेश नीरव ने दिया ।आपकी हिंदी साहित्य,हिंदी सेवियों की हीनता तथा गज़ल की दशा और दिशा एवं आवश्यकता पर टिप्पणी उत्तेजक किंतु विचारपूर्न रही।आभार रजनीकांत राजू ने व्यक्त किया।

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