नई दिल्ली( ४ फरवरी) हिंदी चिट्ठाकारी के प्रखर स्तंभ श्री समीर लाल समीर (ब्लॉग :उड़न तश्तरी )के सम्मान में स्थानीय कनाट प्लेस वुमेन्स प्रेस क्लब में एक ब्लोगर मिलन का आयोजन हुआ ,जिसमें श्री वो श्रीमती समीर लाल समीर, सतीश सक्सेना,अविनाश वाचस्पति, अजय कुमार झा , रवीन्द्र प्रभात, श्री वो श्रीमती राजीव तनेजा, सर्जना शर्मा,वन्दना गुप्ता,प्रतिभा कुशवाहा,श्रीमती व श्री खुशदीप सहगल,महफूज़ अली,कार्टूनिस्ट इरफ़ान ,शाहनवाज़ ,गीता श्री , मंजरी चतुर्वेदी और शंभू जी आदि उपस्थित हुए !


इस अवसर पर श्री समीर लाल समीर  ने कहा कि "हर माध्यम में कुछ सकारात्मक और कुछ नकारात्मक लोग होते हैं, ब्लोगिंग भी उससे अछूता नहीं है,किन्तु अन्य माध्यमों की तुलना में ब्लोगिंग अभी काफी साफ़ सुथरा है ! हमें लगातार सकारात्मक बने रहना है,क्योंकि सकारात्मक गतिविधियाँ हीं हिंदी ब्लोगिंग को ऊँचाई प्रदान करेगी !" अविनाश वाचस्पति ने कहा कि "आने वाले समय में ब्लॉग ही अभिव्यक्ति का मुख्य माध्यम होगा !"अजय कुमार झा ने पत्रकारिता और ब्लोगिंग की समानताओं से जहां रूबरू कराया वहीं  खुशदीप सहगल ने कुछ सुखद संस्मरण सुनाये ! इस विशेष अवसर पर लखनऊ से पधारे रवीन्द्र प्रभात ने ब्लॉगजगत के कुछ शूक्ष्म पहलूओं से सभी को अवगत कराया वहीं महफूज़ अली ने यह विश्वास दिलाया कि मैं शीघ्र ही अपनी सक्रियता को पूर्ववत कर लूंगा ! इस अवसर पर वन्दना गुप्ता, सर्जना शर्मा, गीता श्री और प्रतिभा कुशवाहा ने भी अपनी बातें ब्लोगिंग के सन्दर्भ में खुलकर कहीं !

 सभी ने अपने-अपने विचारों का परस्पर एक-दुसरे के साथ आदान-प्रदान किया,दिन का भोजन साथ-साथ करके सभी ने ब्लोगिंग के बिभिन्न आयामों पर चर्चा की . हिंदी ब्लॉग जगत के लिए निश्चित रूप से यह एक स्वस्थ परिपाटी का श्री गणेश है !



तीन घंटे तक चली इस चर्चा-परिचर्चा के पश्चात उपस्थित ब्लोगरों ने श्री वो श्रीमती समीर लाल समीर को विदा किया ! उल्लेखनीय है कि श्री समीर लाल जी अपने दो महीने की भारत यात्रा के पश्चात आज कनाडा के लिए प्रस्थान कर गए !


(दिल्ली से सांस्कृतिक प्रतिनिधि की रिपोर्ट )

14 comments:

निर्मला कपिला said... February 6, 2011 at 10:22 AM

इस आयोजन के लिये सब को बधाई।

वन्दना said... February 6, 2011 at 11:17 AM

आपने तो पूरी तफ़सील से रिपोर्ट पेश कर दी…………बहुत बढिया।

Swarajya karun said... February 6, 2011 at 3:01 PM

आयोजन के मुख्य अतिथि समीर लाल जी के विचार स्वागत योग्य हैं . आयोजकों को बधाई और समीर जी को शुभकामनाएं.

PADMSINGH said... February 6, 2011 at 3:39 PM

सार्थक ब्लॉगर मिलन के लिए धन्यवाद...

वीना said... February 6, 2011 at 5:35 PM

सफल आयोजन के लिए बहुत-बहुत बधाई....पूर्ण विवरण के साथ रिपोर्ट अच्छी लगी....

सुशील बाकलीवाल said... February 6, 2011 at 6:18 PM

हिन्दी ब्लाग जगत के सफल आयोजन के साथ ही सकारात्मक विकास के सार्थक चिंतन की सारर्गभित सूचना की जानकारी सभी ब्लागर साथियों तक पहुंचाने के लिये आभार...

वन्दना said... February 6, 2011 at 7:10 PM

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (7/2/2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
http://charchamanch.uchcharan.com

मनोज पाण्डेय said... February 6, 2011 at 8:55 PM

आयोजकों को बधाई और समीर जी को शुभकामनाएं.

Kajal Kumar said... February 6, 2011 at 9:02 PM

वो सब तो ठीक, पर प्लेटें उल्टी रखने का फ़ंडा ?

अविनाश वाचस्पति said... February 6, 2011 at 10:54 PM

@ काजल कुमार

उल्‍टी प्‍लेटों के फंडे को जानने समझने के लिए अगली ब्‍लॉगर बैठक में अवश्‍य शामिल हों। इसके नीचे हरे लाल नीले रंग की करेंसी छिपी है, पर वो काली नहीं है।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" said... February 7, 2011 at 6:09 AM

इस सौहार्द्र मिलन पर सभी ब्लॉगरों को को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

एस.एम.मासूम said... February 7, 2011 at 9:05 AM

समीर लाल जी के साथ जब भी ब्लॉगर मीट हुए उन्होंने ऐसी ही बातों को पेश किया. लेकिन आज भी बहुत कम लोग सामाजिक सरोकारों से जुड़ के सकारात्मक गतिविधिओं के साथ ब्लोगिंग कर रहे हैं.
आशा है धीरे धीरे समीर लाल जी की बात समझेंगे

Akanksha~आकांक्षा said... February 7, 2011 at 9:18 AM

सार्थक बात कही समीर जी ने..अच्छी रिपोर्टिंग..बधाई.

सतीश सक्सेना said... February 7, 2011 at 11:28 AM

रविन्द्र प्रभात जी !

इस बढ़िया मीटिंग का श्रेय, श्री खुशदीप सहगल , सुश्री गीता श्री एवं सर्जना शर्मा को जाता है इस आयोजन की जितनी तारीफ की जाए वह कम होगा ! बिना किसी फायदे के अपने निजी श्रम और पैसे से किये ऐसे आयोजन भविष्य में ब्लागिंग के सुनहरे भविष्य की तरफ इंगित करते हैं !

आपसे अचानक मिलना सुखद ही नहीं रहा बल्कि आपके सुदर्शन व्यक्तित्व से प्रभावित हुआ !
मेरी शुभकामनायें !

 
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